मूंग में आईपीएम (एकीकृत कीट प्रबंधन) का अभ्यास
जोड़ना
परिचय:
मूंग दाल को मूंग बीन के नाम से भी जाना जाता है। यह दक्षिण भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली खाद्य वस्तुओं में से एक है। आईपीएम (एकीकृत कीट प्रबंधन) कीट समस्याओं को रोकने के लिए भौतिक, सांस्कृतिक, जैविक, यांत्रिक प्रबंधन विधियों को जोड़ता है।

मूंग के कीट:
- सफेद मक्खी -बेमेसिया तबासी
- बालों वाली इल्ली -स्पाइलोसोमा ओब्लिक
- स्टेमफ्लाई -ओफियोमाइका फेसिओली
- जैसिड्स - एम्पोएस्का
- पॉडबोरर -मरूका टेस्टुललिस
- थ्रिप्स- कैलीओथ्रिप्स इंडिकस
- व्हाइटग्रब-होलोट्रिचिया
- ब्लिस्टर बीटल -माइलेब्रिस

एकीकृत कीट प्रबंधन के तरीके:
सांस्कृतिक प्रथाएँ: गहरी जुताई, शीघ्र बुवाई, फसल चक्र, अंतर-फसल उगाना, और समय पर सिंचाई अच्छी फसल के लिए महत्वपूर्ण है। 150 किग्रा/हेक्टेयर की दर से नीम केक का आधारभूत अनुप्रयोग जड़ सड़न को कम करता है, पंत मूंग 2, PDM 54, ML-337 जैसी प्रतिरोधी/सहिष्णु किस्में उगाएँ।
यांत्रिक विधियाँ: प्रकाश प्रपंचों को इकट्ठा करना और नष्ट करना बालों वाली इल्लियों के खिलाफ बहुत प्रभावी है।
- ट्राइकोडर्मा विरिडी से बीज उपचार।
- प्राकृतिक का संरक्षण करें।
- न्यूक्लियर पॉलीहेड्रोसिस वायरस (एनपीवी) का उपयोग करें।

फसल चरण-वार आईपीएम अभ्यास:
पूर्व बुवाई चरण:
गहरी जुताई
शीघ्र
प्रतिरोधी उगाएँ
समय पर
बीज और अंकुरण अवस्था:
समय पर
उचित बीज दर, सिंचाई और उर्वरक
वानस्पतिक अवस्था:
इकट्ठा करें और नष्ट करें
प्रकाश प्रपंच बालों वाली इल्लियों के खिलाफ बहुत प्रभावी हैं
